Why isn't there juice in the neck of the best animal in the forest? || P4 Pakistan
YouTube transcript, YouTube translate
A quick preview of the first subtitles so you know what the video covers.
अस्सलाम वालेकुम, मैं हूं अली आहद। नाजरीन, आपने अक्सर देखा होगा सैलाब में बह के आने वाले जानवरों के गलों में रस्सी नहीं होती। ऐसा क्यों होता है? जब सैलाब आता है तो इंसान खुद तो भागकर या किसी महफूज मुकाम पर शिफ्ट होकर अपनी जान बचा लेते हैं। लेकिन जिन लोगों के पास एक दो चार जानवर होते हैं वो तो किसी तरह से उन्हें बचा लेते हैं। किसी दूसरी जगह पर शिफ्ट कर लेते हैं। लेकिन जिनके पास 50 60 70 100 के तादाद में भैंस या गाय वगैरह होते हैं। तो जाहिर है वो इतनी जल्दी एक तो उन्हें दूसरी जगह पे शिफ्ट नहीं कर पाते। अगर करें भी तो कहां लेके जाएं? मतलब वो मुमकिन नहीं होता किसी भी तरह से। तो अमूमन तो यह देखा है कि ढेरों पर और इन जगहों पर जानवर बंधे हुए होते हैं किलों के साथ। तो यह अब जब सैलाब आ गया तो क्या करते हैं? मालकान को क्या करना आता करना आता है? उन्हें करना यह होता है कि जितने भी उनके जानवर हैं उनके गलों से वह रस्सी खोल देते हैं। क्यों खोलते हैं? सैलाब आता है, जानवर बहता है, पानी का जोर होता है, वह जानवर को लेके जाता है। तो रस्सी बंधी होगी तो जाहिर है जानवर का गला दब जाने की तो वह मालकान अपने हाथों से अपनी करोड़ों की जायदाद सारी उम्र की जमा पूंजी होती है। यह जो जानवर होते हैं उनके यही उनका रोटी रोजी का जरिया भी होता है। यह सारी उम्र की उनकी कमाई होती है। वो अपने हाथों से उसके गले से रस्सी खोलकर उसे अल्लाह के सुपुर्द कर देते