Himalay के चारधाम मे भ्रमण मे आये महात्मा ने नाद योग के बारे मे बताया। Naad yoga
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हर हर महादेव जय गंगा मैया और अभी गंगा जी के पास में है हम यहां और उत्तरकाशी जो कि काशी क्षेत्र है ये सुंदर नगरी है में पौराणिक मणिक का घाट है वहां पर मैं हूं इस समय और यहां पे हमें अभी चारधाम यात्रा में जो पैदल घूम रहे हैं क्योंकि 28 अप्रैल से गंगोत्री के पट खुल रहे हैं चारधाम यात्रा शुरू हो रही है उत्तराखंड की उसमें संत महाराज हमेशा अपना जो पैदल यात्रा करते हैं अपने अपने स्थानों से और ये स्वामी जी हमारे विगत 35 वर्षों से चारों धामों में घूम रहे हैं। पैदल यात्रा करते हैं महाराज आप ? हां रात्रि गए थे। वहां तो हमारी फौजी गाड़ियां ले गए। जी। वहां पहले काट बना। जी। फिर उंगल से खून निकाला। जांच हुई कि कहीं शरीर में कोई गड़बड़ तो नहीं है। जी। फिर जांच हुई। फिर उन्होंने पास किया भ आप जाइए। जी। फिर फौजियों की गाड़ी लग जाती है। दूसरे दिन राम मंदिर राम मंदिर में राम मंदिर वहां काट बनेगा । वहां महात्मा रुकेंगे। वहा । वहां ही भंडारा चलेगा । यानी कि 50ों 100 150 कुछ भी महात्मा आ जाए वो पड़ेंगे। आसन लगेंगे फिर अमरनाथ की यात्रा चालू होती है जब तक काट नहीं बनता। जी। फिर लाइन लगती फिर लाइन लगती है। लाइन में धीरे-धीरे लाइन में हमें पूरा दिन बीत जाए चाहे फिर दूसरे दिन बनेगा। नहीं बना हो फिर डॉक्टर लोग कहते हैं आज तो छुट्टी होगी कल बनेगा।